LIVE PROTOCOL
EET--:--:--edition--.--.--
avalw news
StatisticsApply as a creatorLogin
GL Global
Categories

NYT रिपोर्ट: अमेरिका-इसराइल ने अहमदीनेजाद को ईरान का नया नेता बनाने की योजना बनाई थी, पहले ही दिन फेल हो गई

NYT रिपोर्ट: अमेरिका-इसराइल ने अहमदीनेजाद को ईरान का नया नेता बनाने की योजना बनाई थी, पहले ही दिन फेल हो गई | AVALW News

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इसराइल ने ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद से संपर्क कर उन्हें सत्ता में स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन पहले ही दिन के हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक बड़ा खुलासा किया है जिसमें बताया गया है कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले की योजना बनाते समय पूर्व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद से गुप्त रूप से संपर्क किया था। दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों का मानना था कि अहमदीनेजाद ईरान में सत्ता परिवर्तन के बाद देश की राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य स्थिति को संभालने में सक्षम हैं। यह योजना वेनेजुएला मॉडल पर आधारित थी, जहां रॉड्रिगेज ने मादुरो की जगह ली थी। अमेरिकी रणनीतिकारों को उम्मीद थी कि अहमदीनेजाद को सत्ता में लाकर ईरान में शासन परिवर्तन बिना लंबे गृहयुद्ध के संभव हो सकेगा।

23 फरवरी 2026 को जब अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इसराइल ने ऑपरेशन रोरिंग लायन के तहत ईरान पर हमले शुरू किए, तो इसराइली वायुसेना ने अहमदीनेजाद के आवास पर एक विशेष हवाई हमला किया। इस हमले का उद्देश्य अहमदीनेजाद को मारना नहीं बल्कि उन्हें नजरबंदी से मुक्त कराना था, क्योंकि ईरान की वर्तमान सरकार ने उन्हें घर में नजरबंद कर रखा था। लेकिन यह ऑपरेशन पूरी तरह विफल हो गया। हमले में अहमदीनेजाद गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि वे किसी भी प्रकार की राजनीतिक भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं रहे। पहले ही दिन सत्ता परिवर्तन की पूरी योजना ध्वस्त हो गई।

महमूद अहमदीनेजाद 2005 से 2013 तक ईरान के राष्ट्रपति रहे थे और अपने कार्यकाल के दौरान वे अपने उग्र बयानों के लिए जाने जाते थे, जिसमें इसराइल को नक्शे से मिटा देने की धमकी सबसे चर्चित रही। हालांकि बाद के वर्षों में उनके रुख में बड़ा बदलाव आया और उन्होंने ईरान के मौजूदा शासकों की भ्रष्टाचार और कुशासन के लिए खुली आलोचना शुरू कर दी। इसके परिणामस्वरूप ईरानी सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया और उन्हें नजरबंदी में रखा गया। अमेरिका और इसराइल ने उनके इसी असंतोष का फायदा उठाने की कोशिश की थी। फिलहाल अहमदीनेजाद के ठिकाने की कोई पुष्ट जानकारी नहीं है।

इस योजना की विफलता के बाद अमेरिका और इसराइल के लिए ईरान युद्ध और भी कठिन हो गया। 40 दिनों तक चले इस युद्ध में ईरान ने पूरी ताकत से जवाबी हमले किए और दुनिया की बड़ी शक्तियां ईरान के प्रतिरोध की क्षमता देखकर हैरान रह गईं। बिना किसी वैकल्पिक नेतृत्व के, ईरान में शासन परिवर्तन का सपना पूरी तरह बिखर गया। अमेरिका को इस युद्ध में भारी नुकसान उठाना पड़ा और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना सख्त नियंत्रण बनाए रखा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ा। न्यूयॉर्क टाइम्स की यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे सावधानीपूर्वक बनाई गई रणनीतिक योजनाएं भी युद्ध की अनिश्चितताओं के सामने बेकार साबित हो सकती हैं।

Sources

Loading article...