LIVE PROTOCOL
EET--:--:--edition--.--.--
avalw news
StatisticsApply as a creatorLogin
GL Global
Categories

पश्चिम बंगाल में 5 रुपये में माछ भात और शराब दुकानों पर नई पाबंदी

पश्चिम बंगाल में 5 रुपये में माछ भात और शराब दुकानों पर नई पाबंदी | AVALW News

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकारी कैंटीन में 5 रुपये में माछ भात की घोषणा की और स्कूल, कॉलेज व मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य भर में सरकारी कैंटीन में अब केवल 5 रुपये में माछ भात यानी मछली और चावल परोसा जाएगा। इसके लिए पूरे राज्य में 400 नई कैंटीन खोली जाएंगी। यह योजना बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है क्योंकि माछ भात बंगाली जनता के लिए सिर्फ भोजन नहीं बल्कि उनकी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।

मछली का मुद्दा पश्चिम बंगाल के चुनावों में एक प्रमुख राजनीतिक विषय रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि भाजपा सत्ता में आने पर मछली खाने पर प्रतिबंध लगा देगी। हालांकि भाजपा की जीत के बाद नई सरकार ने तुरंत इस मुद्दे पर काम शुरू किया और सस्ते माछ भात की योजना को प्राथमिकता दी। ममता बनर्जी की सरकार में इन कैंटीन में 5 रुपये में अंडा और चावल मिलता था, अब उसमें मछली भी जोड़ दी गई है।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस फैसले से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास का माहौल बेहतर होने की उम्मीद है। छात्रों और शिक्षकों के लिए यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर भी घटनाएं सामने आ रही हैं। साल्ट लेक इलाके में एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता की वसूली के आरोपों में पिटाई हुई है। यह घटना बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बदलते राजनीतिक माहौल को दर्शाती है। नई सरकार के आने के बाद से विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई तेज हुई है।

पश्चिम बंगाल की नई सरकार के ये शुरुआती फैसले राज्य की जनता को राहत देने और सामाजिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदम हैं। 5 रुपये में माछ भात की योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए फायदेमंद होगी, जबकि शराब की दुकानों पर प्रतिबंध शैक्षणिक और धार्मिक स्थलों के पास सुरक्षित वातावरण बनाने में सहायक होगा। इन नीतियों का प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा।

यह लेख AVALW News द्वारा 26 मई 2026 को 1 सत्यापित समाचार स्रोत के आधार पर तैयार किया गया है। हमारी संपादकीय प्रक्रिया सटीक और व्यापक कवरेज प्रदान करने के लिए कई स्वतंत्र स्रोतों से तथ्यों को सत्यापित करती है। सभी मूल स्रोत नीचे जुड़े हुए हैं।

Sources

Loading article...