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आँखों पर तकनीक: कैसे स्मार्ट ग्लास भारत में अगला बड़ा गैजेट बनते जा रहे हैं

Aditya Nair Aditya Nair adityanair.avalw.com · 494 reads Respect0 Save Share Read only
READS689live count PUBLISHED2 Sept2026 READING TIME4 min829 words LANGUAGEHindi
AI CITATIONS? Gathering data

रे-बैन मेटा जेन 2 से लेकर सिर्फ़ 999 रुपये वाले मॉडल तक, स्मार्ट ग्लास 2026 में भारत के गैजेट बाज़ार में तेज़ी से छा रहे हैं। कीमत, फीचर और हिंदी सपोर्ट, यहाँ पढ़िए पूरी कहानी।

पिछले कुछ सालों में तकनीक हमारे और भी करीब आती चली गई है। पहले कंप्यूटर मेज़ पर हुआ करता था, फिर स्मार्टफोन हमारी जेब में आ गया, और अब एक बिल्कुल नई तरह का गैजेट धीरे-धीरे हमारे चेहरे तक पहुँच रहा है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं स्मार्ट ग्लास यानी बुद्धिमान चश्मों की, जो इन दिनों भारत में खासे चर्चा में हैं।

कभी विज्ञान-कथाओं में ही दिखने वाले ये चश्मे अब हकीकत बन चुके हैं और आम दुकानों तक भी पहुँचने लगे हैं। इस लेख में हम आराम से समझेंगे कि आखिर ये स्मार्ट ग्लास होते क्या हैं, भारत में इस समय कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं, और क्यों माना जा रहा है कि यह पहनने योग्य तकनीक का अगला बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है।

कलाई से कान, अब आँखों तक

स्मार्टवॉच और ईयरबड्स के बाद, स्मार्ट ग्लास को पहनने योग्य तकनीक की अगली बड़ी कड़ी माना जा रहा है।
स्मार्टवॉच और ईयरबड्स के बाद, स्मार्ट ग्लास को पहनने योग्य तकनीक की अगली बड़ी कड़ी माना जा रहा है।

इस नई लहर को ठीक से समझने के लिए थोड़ा पीछे मुड़कर देखना ज़रूरी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले स्मार्टवॉच ने ज़रूरी सूचनाएँ हमारी कलाई तक पहुँचाईं, फिर ईयरबड्स ने आवाज़ को सीधे हमारे कानों तक ला दिया, और अब स्मार्ट ग्लास उसी जानकारी को हमारी आँखों और कानों के ठीक सामने ले आ रहे हैं।

यह बदलाव सिर्फ़ एक शौक भर नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा बाज़ार भी बनता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2026 में अकेले बिना स्क्रीन वाले स्मार्ट ग्लास की बिक्री भारत में लगभग एक करोड़ छत्तीस लाख इकाइयों तक पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है, जो इस पूरी श्रेणी की बढ़ती लोकप्रियता को साफ़ तौर पर दर्शाता है।

रे-बैन मेटा जेन 2 भारत में

इस पूरे क्षेत्र में इस समय सबसे ज़्यादा चर्चा जिस उत्पाद की हो रही है, वह है रे-बैन मेटा का नया संस्करण। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी दूसरी पीढ़ी यानी जेन 2 अब भारतीय बाज़ार में आ चुकी है, और इसकी शुरुआती कीमत चुनिंदा वेफेयरर मॉडलों के लिए लगभग उनतालीस हज़ार नौ सौ रुपये के आसपास रखी गई है।

कीमत के साथ-साथ इसकी खूबियाँ भी अच्छा-खासा ध्यान खींचती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए संस्करण को दुनिया भर में सितंबर के दौरान पेश किया गया था, और यह तीन के यानी 3K अल्ट्रा एचडी गुणवत्ता में, तीस फ्रेम प्रति सेकंड की दर से वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है, जो इसे वाकई एक दमदार गैजेट बना देता है।

पहली पीढ़ी और हिंदी सपोर्ट

अगर आपका बजट थोड़ा कम है, तो चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि पुरानी पीढ़ी भी एक बढ़िया विकल्प बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रे-बैन मेटा की पहली पीढ़ी यानी जेन 1 की शुरुआती कीमत लगभग उनतीस हज़ार नौ सौ रुपये है, और यह अमेज़न, फ्लिपकार्ट तथा रिलायंस डिजिटल जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए इसमें एक खास सुविधा भी जोड़ी गई है, जो इसे और अपना बनाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेन 1 चश्मों में मेटा के डिजिटल सहायक के लिए हिंदी भाषा का सपोर्ट दिया गया है, और इतना ही नहीं, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की आवाज़ वाला एक विशेष विकल्प भी जोड़ा गया है, जो बातचीत को और अधिक जीवंत बना देता है।

चश्मे जो नज़र भी ठीक करें

स्मार्ट ग्लास को लेकर एक आम सवाल हमेशा से यही रहा है कि जिन्हें नज़र का चश्मा लगता है, आखिर उनका क्या होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए एक नई शृंखला पेश की गई है, जिसे खासतौर पर नज़र के चश्मे यानी प्रिस्क्रिप्शन लेंस वाले उपयोगकर्ताओं की सुविधा के लिए ही तैयार किया गया है।

इस नई शृंखला में डिज़ाइन के स्तर पर भी अच्छी-खासी विविधता रखी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी कीमत लगभग चार सौ निन्यानबे डॉलर, यानी करीब इकतालीस हज़ार पाँच सौ रुपये के आसपास बताई जा रही है, और इसमें ब्लेज़र नाम का आयताकार तथा स्क्राइबर नाम का गोल, ऐसे दो अलग-अलग फ्रेम डिज़ाइन शामिल किए गए हैं।

हर बजट के लिए विकल्प

यह समझना भी उतना ही ज़रूरी है कि स्मार्ट ग्लास का मतलब सिर्फ़ महँगे विदेशी ब्रांड ही नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय बाज़ार में बेहद किफायती विकल्प भी मौजूद हैं, जिनकी बदौलत यह तकनीक अब सिर्फ़ चंद लोगों तक सीमित न रहकर धीरे-धीरे आम ग्राहकों की पहुँच में भी आती जा रही है।

इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण एक घरेलू ब्रांड का सस्ता मॉडल है, जो सबको हैरान करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीट्रॉन ऑर्बिस नियो नामक स्मार्ट ग्लास की कीमत महज़ नौ सौ निन्यानबे रुपये है, और इतनी कम कीमत के बावजूद इसमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, खुले कान वाला संगीत सिस्टम तथा हैंड्स-फ्री कॉलिंग जैसी सुविधाएँ दी गई हैं।

क्या यह अगला बड़ा कदम है

इन तमाम बातों को आपस में जोड़कर देखें तो एक तस्वीर काफ़ी साफ़ उभरकर सामने आती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चाहे वह हज़ारों रुपये का प्रीमियम चश्मा हो या फिर कुछ सौ रुपये का किफायती मॉडल, स्मार्ट ग्लास अब हर तरह के बजट में उपलब्ध होकर एक बहुत व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।

बेशक, अभी यह कहना काफ़ी जल्दबाज़ी होगी कि स्मार्ट ग्लास स्मार्टफोन की जगह पूरी तरह ले लेंगे। लेकिन जिस रफ़्तार से ये हमारे चेहरे पर अपनी जगह बना रहे हैं, उससे इतना ज़रूर लगता है कि पहनने योग्य तकनीक का भविष्य एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर आकर खड़ा है। आगे यह सफर किस दिशा में जाता है, यह देखना वाकई रोमांचक होगा।

5 responses

भारत का अच्छा विश्लेषण.

4

भारत के बारे में बहुत उपयोगी लेख.

4

यहाँ भारत के बारे में काफी कुछ सीखा.

3

सहमत हूँ.

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Aditya Nair 2026-09-02 · 4 min read · 689 reads
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