मेमोरी चिप्स की कीमतें कई गुना बढ़ीं और भारत में 2026 में स्मार्टफोन औसतन आठ से बारह प्रतिशत महंगे हो गए। जानिए असली वजह और अभी खरीदें या रुकें।
जड़ में है मेमोरी की कीमत

इस पूरी कहानी के केंद्र में है मेमोरी, यानी RAM और स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND फ्लैश चिप्स। बीते कुछ महीनों में इनकी कीमतें चालीस से एक सौ साठ प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। कुछ विश्लेषकों के मुताबिक सितंबर 2025 के बाद से इन चिप्स के दाम लगभग चार गुना तक चढ़ चुके हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह दुनिया भर के डेटा सेंटरों की भारी मांग बताई जा रही है।
आपकी जेब पर सीधा असर
इसका नतीजा सीधे ग्राहक की जेब पर दिखने लगा है। जनवरी से मई 2026 के बीच भारत में इक्कीस ब्रांडों के फोन औसतन आठ से बारह प्रतिशत महंगे हुए हैं, और कुछ मॉडलों में तो यह बढ़ोतरी पैंतीस प्रतिशत तक पहुँच गई। जो फोन पहले आसानी से बजट में आ जाता था, अब वही खरीदना कई परिवारों के लिए मुश्किल फ़ैसला बनता जा रहा है।
बजट फोन सबसे बड़े शिकार
सबसे ज़्यादा चोट सस्ते और एंट्री-लेवल फोन को पहुँची है। मुनाफ़ा पहले से ही कम होने के कारण कंपनियों के लिए बहुत सस्ते फोन बनाना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। यही वजह है कि बाज़ार से भारत के सबसे किफ़ायती फोन धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं, और तीस हज़ार रुपये से नीचे का सेगमेंट अब पहले जैसा भरा-पूरा और भरोसेमंद नहीं रह गया है।
बाज़ार पर मंडराता दबाव
इस उठापटक का असर पूरे बाज़ार के आँकड़ों पर भी साफ़ दिख रहा है। एक अनुमान के अनुसार 2026 में भारत में स्मार्टफोन की कुल बिक्री दस से बारह प्रतिशत तक गिर सकती है, क्योंकि बढ़ती कीमतों के चलते कई लोग अपना पुराना फोन बदलने का फ़ैसला टाल रहे हैं। बाज़ार पहले ही साल-दर-साल करीब दो प्रतिशत सिकुड़ चुका है।
तो अभी खरीदें या थोड़ा रुकें
अगर आपका मौजूदा फोन ठीक-ठाक चल रहा है, तो कुछ महीने इंतज़ार करना समझदारी हो सकती है, क्योंकि आगे तस्वीर और साफ़ होगी। लेकिन अगर ज़रूरत सचमुच है, तो कम RAM और स्टोरेज वाले सस्ते वेरिएंट के बजाय ऐसा मॉडल चुनें जो कुछ साल आराम से साथ दे, क्योंकि इस दौर में हर रुपया सोच-समझकर खर्च करना ही असली समझदारी है।
मेमोरी कीमत के बारे में बहुत उपयोगी लेख.
यहाँ मेमोरी कीमत के बारे में काफी कुछ सीखा.
स्पष्ट और अच्छा लिखा.
अच्छी बात.
मैं भी यही सोचता हूँ.