Compare Shriram Finance FD rate hike with top small finance banks' 5-year FD rates for senior citizens in October 2026.
श्रीराम फाइनेंस ने 11 अक्टूबर से अपनी एफडी दरों में 15 से 40 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा करने का ऐलान किया है, जिससे अधिकतम ब्याज दर 7.85 फीसदी तक पहुंच जाएगी। यह बढ़ोतरी 7 अक्टूबर को भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो रेट बढ़ाने के तुरंत बाद आ रही है।
वहीं, सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में बचतकर्ताओं के सामने सवाल उठता है कि क्या नया रेट तुरंत लॉक करें या थोड़ा इंतजार करें।
मौजूदा ब्याज दरों की तुलना
इस तिमाही पीपीएफ (PPF) पर 7.1 फीसदी, एनएससी (NSC) पर 7.7 फीसदी और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर 8.2 फीसदी की दर से बिना किसी बदलाव के ब्याज मिल रहा है।
श्रीराम फाइनेंस बुजुर्गों को 0.50 फीसदी और महिलाओं को 0.05 फीसदी का अतिरिक्त ब्याज भी दे रहा है। नई दरें 11 अक्टूबर से लागू हो जाएंगी।

श्रीराम फाइनेंस की सुरक्षा और नियम
श्रीराम फाइनेंस के पब्लिक डिपॉजिट्स को ICRA AAA (Stable) की रेटिंग हासिल है, जबकि जनवरी की CRISIL रिपोर्ट में इसे AA+ Watch Positive श्रेणी में रखा गया था।
ध्यान रहे कि NBFC की एफडी पर DICGC का इंश्योरेंस कवर नहीं मिलता, जो बैंक डिपॉजिट पर प्रति बैंक प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक होता है। FD से होने वाली ब्याज आय टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होती है।

स्मॉल फाइनेंस बैंकों में सबसे ऊंची दरें
7 अक्टूबर 2026 तक पांच साल की एफडी पर सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% सालाना ब्याज दे रहा है, जो 3 करोड़ रुपये तक की जमा राशि के लिए है।
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक इसी अवधि की एफडी पर 7.77% ब्याज दे रहा है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.20% और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.00% ब्याज दे रहा है।

DI C G C कवर और TDS नियम
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियमों के तहत एक बैंक में एक जमाकर्ता की पात्र जमा राशि और ब्याज को मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है।
सीनियर सिटीजन के लिए एक बैंक में वित्त वर्ष के दौरान ब्याज 1 लाख रुपये से ज्यादा होने पर टीडीएस कट सकता है। शून्य अनुमानित टैक्स देनदारी वाले पात्र व्यक्ति फॉर्म 121 जमा करके टीडीएस न काटने का अनुरोध कर सकते हैं।
RBI रेपो रेट बढ़ाने का असर
7 अक्टूबर को RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया और अपने रुख को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' में बदल दिया। इस दौरान रुपया 5 महीने के निचले स्तर पर आ गया।
कई बैंकों ने रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है, जिससे लोन की EMI महंगी हो गई है। RBL बैंक का रेपो-लिंक्ड रेट 8.50 फीसदी पर पहुंच गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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