दिल्ली में सोना 1.54 लाख के पार, वाराणसी में थोड़ी राहत। जानें डॉलर, रुपया और तेल के भाव का असर।
शुक्रवार की शाम दिल्ली के सर्राफा मंडल में 24 कैरेट सोने का दाम 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह एक ही दिन में 1,900 रुपये की सीधी बढ़त थी।
यह अकेला दिन नहीं था। पिछले दो कारोबारी दिनों में सोना कुल 4,600 रुपये तक महंगा हो चुका है। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में यह तेजी आम तौर पर देखी जाती है, लेकिन इस बार कीमतों का स्तर इतना ऊपर है कि खरीदारों की जेबों पर असर पड़ना तय है।
चांदी का हाल भी उतना ही तेज है। गुरुवार को जब यह 3,000 रुपये टूटकर 2,28,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आई थी, तो सोमवार से गुरुवार तक का घाटा लगभग 3,048 रुपये था। लेकिन शुक्रवार को इसने वापसी की और 4,500 रुपये के उछाल के साथ 2,28,500 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। आज 10 अक्टूबर को MCX पर यह 2,35,000 रुपये के आसपास कारोबार कर रही है।
कीमतों में उछाल के पीछे की तीन वजहें
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण काम कर रहे हैं। पहला और सबसे बड़ा कारण कमजोर अमेरिकी डॉलर है। डॉलर के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद निवेशकों का ध्यान फिर सोने की ओर बढ़ा है, जिससे मांग में वृद्धि हुई है।
दूसरा कारक भारतीय रुपए की कमजोरी है। रुपए के मजबूत न होने की वजह से विदेशों से सोना आयात करना महंगा पड़ रहा है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार की कीमतों पर दिख रहा है।
तीसरी वजह कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरावट ने निवेशकों को अन्य परंपरागत निवेशों से हटाकर सोने की ओर खींचा है। यह त्रिकोणीय संतुलन ही है जो वर्तमान में सोने की कीमतों को ऊपर धकेल रहा है।

शहरों के अनुसार सोने-चांदी का भाव
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतें 1,50,720 रुपये से 1,50,870 रुपये के बीच बनी हुई हैं। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में यह दर 1,50,870 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में यह 1,50,720 रुपये है।
22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में यह 1,38,310 रुपये पर है, जबकि मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में यह 1,38,160 रुपये है। 18 कैरेट सोने की औसत कीमत 1,13,152 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी है।
चांदी की कीमतें शहरों के अनुसार थोड़ी भिन्न हैं। दिल्ली में आज यह 2,34,900 रुपये से 2,35,000 रुपये के बीच ट्रेड कर रही है, जबकि वाराणसी में यह 2,27,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई है।

वाराणसी में थोड़ी राहत
वाराणसी के बाजार में हालत थोड़ी अलग है। यहां 10 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,650 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो पिछले सप्ताह के 1,50,150 रुपये की तुलना में 500 रुपये सस्ता है।
22 कैरेट सोना यहां 1,37,110 रुपये पर है, जो पिछले हफ्ते के 1,37,550 रुपये से 440 रुपये कम है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,11,910 रुपये रही है।
चांदी की बात करें तो वाराणसी में यह 2,27,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर है, जो पिछले सप्ताह के 2,28,000 रुपये से 1,000 रुपये सस्ती है। पितृ पखवाड़ा खत्म होने के बाद बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है, लेकिन अभी भी खरीदारों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।

निवेशकों के लिए सलाह: क्या खरीदना चाहिए?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट अविनाश गुप्ता का कहना है कि सोना अभी करेक्शन मोड में है। उनकी राय है कि लंबी अवधि के लिए सोना सुरक्षित निवेश है, लेकिन अभी एकदम से बड़ा पैसा लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने सलाह दी है कि थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी की जाए। चांदी में उछाल-पटक ज्यादा है, इसलिए सोच-समझकर ही निवेश करें। इंटरनेशनल मार्केट में अगर सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिक गया, तो यह सीधा 5,200 डॉलर तक जा सकता है।
वर्तमान में अमेरिका में सरकार का शटडाउन चल रहा है और फेड रिजर्व व RBI दोनों ने ब्याज दरें बढ़ाई हैं। इससे बॉन्डों में निवेश आकर्षक बन रहा है, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है। इसलिए धनतेरस से पहले खरीदारी का फैसला लेते समय इन वैश्विक कारकों को ध्यान में रखना ज़रूरी है।
खरीदारी करते समय ध्यान रखें
सोना-चांदी खरीदते समय केवल कीमत देखना काफी नहीं है। गहनों पर हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच जरूर करें। साथ ही दुकानदार से वजन, मेकिंग चार्ज और टैक्स की जानकारी भी लें।
दुकान पर कीमत थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए खरीदारी से पहले सोने-चांदी का ताजा भाव जरूर पता कर लें। त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने के कारण दुकानदार अक्सर मेकिंग चार्ज बढ़ा देते हैं, इसलिए इसकी स्पष्ट जानकारी लेना आपके फायदे में है।
अगर आप टैक्स की बचत चाहते हैं, तो टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग की रणनीति भी अपना सकते हैं। इसमें घाटे में चल रहे शेयर बेचकर मुनाफे पर लगने वाले टैक्स को कम किया जा सकता है। हालांकि, सोने-चांदी की खरीदारी के लिए यह प्रत्यक्ष रूप से लागू नहीं होता, लेकिन निवेश पोर्टफोलियो में इसे शामिल करने का फैसला समझदारी से लेना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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