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सर्वाइकल कैंसर से बचाव: भारत में शुरू हुआ देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान HEALTH · IN

सर्वाइकल कैंसर से बचाव: भारत में शुरू हुआ देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान

Priya Menon Priya Menon priyamenon.avalw.com · 683 reads Respect0 Save Share Read only
READS400live count PUBLISHED3 Sept2026 READING TIME4 min702 words LANGUAGEHindi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को अजमेर से देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 साल की लड़कियों को गार्डासिल-4 टीके की मुफ्त खुराक दी जाएगी। जानिए पूरा विवरण।

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भारत ने महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, देशभर में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना है, और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बेहद अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

सर्वाइकल कैंसर आज भी भारत में महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। इसका एक प्रमुख कारण एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस को माना जाता है। ऐसे में समय रहते टीकाकरण के जरिए इस संक्रमण से बचाव करना, इस बीमारी की रोकथाम की दिशा में सबसे प्रभावी उपायों में से एक समझा जाता है।

पीएम मोदी ने की शुरुआत

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को राजस्थान के अजमेर से इस राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा लिया, जिससे यह वाकई एक सच्चे अर्थों में देशव्यापी आयोजन बन गया।

इस अभियान के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे लेकर वैश्विक स्तर पर भी काफी चर्चा रही। रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा मुफ्त एचपीवी टीकाकरण अभियान बताया, जो इसकी विशालता और महत्वाकांक्षा को बहुत स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

किसे मिलेगा टीका

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इस अभियान के तहत आखिर टीका किसे लगाया जाएगा। प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, देशभर में 14 साल की उम्र की सभी लड़कियों को गार्डासिल-4 टीके की एक खुराक दी जाएगी, और यह पूरी तरह से मुफ्त होगी। यह टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

जिन सरकारी केंद्रों पर यह टीका लगाया जाएगा, उनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला और जिला अस्पताल, साथ ही सरकारी मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। इतने व्यापक नेटवर्क के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि टीका अधिक से अधिक लड़कियों तक आसानी से पहुंच सके।

टीकाकरण के दायरे को लेकर भी एक अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान के तहत करीब 1.15 करोड़ लड़कियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, जो लड़कियां अभियान की शुरुआत के 90 दिनों के भीतर 15 साल की हो जाएंगी, वे भी इसके लिए पात्र मानी जाएंगी।

एचपीवी और सर्वाइकल कैंसर

एचपीवी वायरस का प्रतीकात्मक चित्र।
एचपीवी वायरस का प्रतीकात्मक चित्र।

यह समझना बेहद जरूरी है कि आखिर एचपीवी और सर्वाइकल कैंसर के बीच क्या संबंध है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस, सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। ऐसे में इस वायरस के संक्रमण से पहले ही बचाव कर लेना, इस बीमारी को रोकने की सबसे बड़ी कुंजी माना जाता है।

भारत के संदर्भ में इस अभियान का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में भारत की हिस्सेदारी काफी बड़ी, यानी करीब 25 प्रतिशत तक बताई जाती है। ऐसे में इस तरह का व्यापक टीकाकरण अभियान बेहद प्रासंगिक और जरूरी हो जाता है।

स्वैच्छिक और सहमति पर आधारित

यहां एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि यह टीकाकरण अनिवार्य नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्वैच्छिक है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, किसी भी लड़की को टीका लगाने से पहले उसके माता-पिता या अभिभावक की सहमति लेना आवश्यक है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आपसी भरोसे पर आधारित बनी रहे।

अभियान को लागू करने का तरीका भी काफी सोच-समझकर तय किया गया है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इसे पहले तीन महीने के एक सघन चरण में चलाया जाएगा, और उसके बाद इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बना दिया जाएगा, ताकि आगे भी यह टीका लोगों को आसानी से उपलब्ध होता रहे।

उत्साहजनक शुरुआत

अभियान की शुरुआती प्रतिक्रिया भी काफी उत्साहजनक रही है। रिपोर्ट के अनुसार, महज दो हफ्तों के भीतर ही करीब 3 लाख लड़कियों को टीका लगाया जा चुका था। यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि आम लोगों के बीच इस अभियान को लेकर अच्छी-खासी जागरूकता और एक सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है।

आगे की राह

कुल मिलाकर, यह अभियान आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के बोझ को काफी हद तक कम करने की क्षमता अपने भीतर रखता है। हालांकि इसकी असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि टीकाकरण का दायरा कितने लंबे समय तक बना रहता है और लोगों के बीच इसे लेकर जागरूकता कितनी मजबूत बनी रहती है।

1 responses

एचपीवी टीका के बारे में बहुत उपयोगी लेख.

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Priya Menon 2026-09-03 · 4 min read · 400 reads
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