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आईसीएमआर के नए आहार दिशानिर्देश: मोटे अनाज और दालों पर जोर, नमक चीनी में कटौती

Priya Menon Priya Menon priyamenon.avalw.com · 447 reads Respect0 Save Share Read only
READS389live count PUBLISHED12 Sept2026 READING TIME4 min778 words LANGUAGEHindi
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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने 2024 में भारतीयों के लिए 17 आहार दिशानिर्देश जारी किए, जिनमें मोटे अनाज, दालों और फल सब्जियों पर जोर तथा नमक, चीनी और अल्ट्रा प्रोसेस्ड भोजन में कमी की सिफारिश की गई है।

भारत में स्वस्थ खानपान को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ ही देश के सबसे प्रमुख स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थानों में से एक ने आहार को लेकर नए दिशानिर्देश सामने रखे हैं। इन सिफारिशों का मकसद न केवल कुपोषण से निपटना है, बल्कि बदलती जीवनशैली के कारण बढ़ रही मोटापे और मधुमेह जैसी बीमारियों की चुनौती से भी मुकाबला करना है, ताकि लोग बेहतर भोजन विकल्प चुन सकें।

किसने जारी किए दिशानिर्देश

रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर और हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पोषण संस्थान ने 7 मई 2024 को भारतीयों के लिए संशोधित आहार दिशानिर्देश जारी किए। इनमें कुल 17 दिशानिर्देश शामिल हैं, जिनका उद्देश्य स्वस्थ खानपान की आदतों को बढ़ावा देना और गैर संचारी रोगों की बढ़ती चुनौती का सामना करना बताया गया है।

सरकारी मंच न्यूज ऑन एयर के अनुसार, आईसीएमआर राष्ट्रीय पोषण संस्थान की निदेशक डॉक्टर हेमलता ने इन दिशानिर्देशों के बारे में जानकारी दी। उन्हीं की बातों के हवाले से बताया गया कि लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए, नियमित व्यायाम करना चाहिए तथा नमक, अधिक वसा, चीनी और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन के सेवन को सीमित करना चाहिए।

अस्वस्थ आहार और बीमारियां

इन दिशानिर्देशों की जरूरत को समझने के लिए रोगों से जुड़े आंकड़े अहम हैं। रिपोर्टों के अनुसार, भारत में लगभग 56.4 प्रतिशत बीमारियां अस्वस्थ खानपान की आदतों से जुड़ी बताई जाती हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भोजन की गुणवत्ता और संतुलन का सीधा असर देश की सेहत पर पड़ता है, और यही कारण है कि आहार में बदलाव को इतना महत्व दिया जा रहा है।

इन दिशानिर्देशों की एक और खास बात यह है कि ये एक साथ दो तरह की चुनौतियों को संबोधित करते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 2024 के इन आहार दिशानिर्देशों को इस तरह तैयार किया गया है कि वे एक ओर लगातार बनी हुई कुपोषण की समस्या और दूसरी ओर अधिक पोषण तथा मोटापे और मधुमेह जैसी गैर संचारी बीमारियों के बढ़ते बोझ, दोनों से निपट सकें, जिससे यह एक व्यापक ढांचे के रूप में सामने आते हैं।

मोटे अनाज पर जोर

नए दिशानिर्देशों की एक बड़ी खासियत मोटे अनाज को दी गई अहमियत है। रिपोर्टों के अनुसार, आईसीएमआर राष्ट्रीय पोषण संस्थान ने रागी, बाजरा और ज्वार जैसे मोटे अनाज तथा ब्राउन राइस और साबुत गेहूं जैसे साबुत अनाज को प्रोसेस्ड अनाज के मुकाबले प्राथमिकता देने की सलाह दी है। इससे पोषक तत्वों से भरपूर विकल्पों की ओर झुकाव को प्रोत्साहित किया गया है।

मात्रा के संदर्भ में भी स्पष्ट सुझाव दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुल अनाज में मोटे अनाज की हिस्सेदारी 30 से 40 प्रतिशत तक रखने की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य भारतीय थाली में विविधता लाना और परंपरागत रूप से पौष्टिक माने जाने वाले अनाजों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाना है, जो अक्सर आधुनिक खानपान में पीछे छूट जाते हैं।

संतुलित थाली कैसी हो

दिशानिर्देशों में एक संतुलित आहार का खाका भी प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो हजार कैलोरी के संतुलित आहार के लिए लगभग 250 ग्राम अनाज और मोटे अनाज, 85 ग्राम दालें और फलियां, 400 ग्राम सब्जियां, 300 मिलीलीटर दूध या दही, 100 ग्राम फल, 35 ग्राम मेवे और बीज तथा 27 ग्राम तेल और वसा लेने की सिफारिश की गई है।

दालों और मोटे अनाज की भूमिका

दालें और मोटे अनाज नए आहार दिशानिर्देशों का एक अहम हिस्सा हैं।
दालें और मोटे अनाज नए आहार दिशानिर्देशों का एक अहम हिस्सा हैं।

प्रोटीन के स्रोत के रूप में दालों को विशेष स्थान दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, दिशानिर्देश फलों, सब्जियों और दालों का सेवन बढ़ाने की सलाह देते हैं, ताकि आहार अधिक संतुलित और पोषक बने। दालें और फलियां भारतीय भोजन का पारंपरिक हिस्सा रही हैं, और इन्हें दैनिक थाली में शामिल रखने पर नए सिरे से जोर दिया गया है, खासकर पौधों से मिलने वाले प्रोटीन के लिहाज से।

किन चीजों से बचें

दिशानिर्देश केवल यह नहीं बताते कि क्या खाना चाहिए, बल्कि किन चीजों से बचना चाहिए, इस पर भी स्पष्ट हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें चीनी, नमक, अधिक रिफाइंड तेल, तली हुई चीजों और रिफाइंड खाद्य पदार्थों के सेवन में कटौती करने की सलाह दी गई है। साथ ही शीतल पेय यानी सॉफ्ट ड्रिंक और शराब से परहेज करने की भी सिफारिश की गई है।

इसके अलावा वजन और मोटापे से जुड़ी चेतावनियां भी शामिल हैं। न्यूज ऑन एयर के अनुसार, दिशानिर्देश पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी, अधिक वजन और समग्र मोटापे के खिलाफ एहतियाती कदम उठाने की सलाह देते हैं। इस तरह ये सिफारिशें केवल भोजन तक सीमित न रहकर समग्र जीवनशैली में संतुलन लाने पर भी बल देती हैं।

आगे की राह

कुल मिलाकर, इन आधिकारिक सिफारिशों और रिपोर्टों से यह स्पष्ट होता है कि भारत अपनी थाली को अधिक संतुलित, विविध और पौष्टिक बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। मोटे अनाज, दालों और ताजे फल सब्जियों पर जोर तथा नमक, चीनी और प्रसंस्कृत भोजन में कमी इसी सोच का हिस्सा है, हालांकि इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग इन सुझावों को अपने रोजमर्रा के जीवन में कितना अपनाते हैं।

4 responses

यहाँ मोटे अनाज के बारे में काफी कुछ सीखा.

4

मोटे अनाज के बारे में अच्छा संदर्भ.

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Priya Menon 2026-09-12 · 4 min read · 389 reads
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