भारतीय AI स्टार्टअप Sarvam AI ने Prism लॉन्च किया, जो टोकन जनरेशन के बजाय विकल्पों को स्कोर करता है। जानिए कैसे 105B पैरामीटर वाला यह मॉडल उद्योगों के निर्णय लेने के तरीके बदल रहा है।
3 नवंबर, 2026 को Sarvam AI ने एक ऐसा मॉडल जारी किया जिसने AI इंडस्ट्री की एक बड़ी धारणा को चुनौती दी। Prism का नाम सुनकर कई लोगों को लग सकता है कि यह किसी नए जेनेटिव एआई का नाम है, लेकिन वास्तविकता में यह एक ओपन-वेट निर्णय मॉडल है जो उद्यमों के लिए बनाया गया है।
इसका सबसे चौंका देने वाला पहलू वह है कि यह टेक्स्ट एक टोकन के बाद दूसरे टोकन के रूप में नहीं लिखता। इसके बजाय, यह पहले से तय किए गए विकल्पों को स्कोर करता है। यह दृष्टिकोण उन उद्योगों के लिए क्रांतिकारी है जहां हर मिलीसेकंड और हर सटीकता का अर्थ रकम में बदल जाता है।
निर्णय लेने की नई गति
कंपनी के अनुसार, एक NVIDIA B200 GPU पर इसकी औसत प्रतिक्रिया अवधि सिर्फ 44 मिलीसेकंड रही है। यह नंबर केवल एक तकनीकी विवरण नहीं है, बल्कि यह एक प्रैक्टिकल बदलाव है। 25 मॉडलों के मूल्यांकन में, 100 मिलीसेकंड से कम समय में जवाब देने वाले मॉडलों में Prism का औसत स्कोर सबसे ऊँचा था।
भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भों को समझने की क्षमता के साथ, यह मॉडल उद्योगों को उनके रोजमर्रा के निर्णयों को ऑटोमेट करने का एक अत्यंत तेज़ और सटीक उपकरण देता है।

तकनीकी गहराई में
Prism का आधार Sarvam का 105B पैरामीटर वाला सिस्टम है, जिसे LoRA के माध्यम से फाइन-ट्यून किया गया है। इसकी खासियत एक कस्टम अटेंशन मास्क है जो विकल्पों को एक-दूसरे से अलग रखता है, जिससे प्रत्येक विकल्प की तुलना केवल उत्तर वाले टोकन द्वारा होती है।
प्रशिक्षण के दौरान दो समान भार वाले उद्देश्यों का उपयोग किया गया। एक में क्रॉस-एंट्रॉपी के साथ 5% लेबल स्मूदिंग शामिल था, जो पूर्ण निश्चितता को हतोत्साहित करता है। दूसरा ब्रायर लॉस था, जो आत्मविश्वास से की गई गलतियों को महंगा बनाता है। यह संयोजन ही Prism के बेहतर कैलिब्रेशन का कारण माना जाता है।

भारतीय संदर्भ में उपयोग
इस मॉडल की बड़ी उपलब्धि यह है कि यह भारतीय भाषाओं के लिए एक आंतरिक बेंचमार्क पर भी सिर से ऊपर है। ग्राहक सहायता के लिए आशय-आधारित रूटिंग, मॉडलों की रूटिंग और एजेंट के रन की जाँच जैसे उपयोग के लिए इसे विशेष रूप से अनुकूलित किया गया है।
131,072 टोकन तक के इनपुट को संसाधित करने की क्षमता इसका एक और बड़ा फायदा है। इसका मतलब है कि लंबे एजेंट ट्रेस या जटिल दस्तावेज़ों का एक ही पास में मूल्यांकन किया जा सकता है, जो उद्योगों के लिए एक बड़ी तकनीकी बाधा को दूर करता है।

उपलब्धता और लागत
Sarvam ने Prism के वेट Hugging Face पर Apache 2.0 लाइसेंस के तहत मुक्त कर दिए हैं। इसे चलाने के लिए कम-से-कम 120 GB मेमोरी वाला एक GPU आवश्यक है और इसे FP8 में चलाना पड़ता है।
यद्यपि यह एक ओपन-वेट मॉडल है, लेकिन Sarvam Indus पर API के जरिए होस्ट की गई पहुँच भी उपलब्ध है। यह दुयलता उन कंपनियों के लिए उपयोगी है जो अपने बुनियादी ढांचे पर इसे चला नहीं सकतीं लेकिन तेजी से इसे अपनाना चाहती हैं।
AI के भविष्य पर असर
Google जैसे बड़े खिलाड़ियों ने AI पर खर्च बढ़ाते हुए कर्मचारियों के स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के विकल्पों की ओर रुख किया है, जो यह संकेत देता है कि AI अब केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक रणनीतिक शिफ्ट है।
Prism जैसी तकनीकें इस शिफ्ट को और गति देती हैं। जहां पहले AI का उपयोग सामग्री बनाने के लिए होता था, अब वह निर्णय लेने की प्रक्रिया को स्वयं बदल रहा है। यह बदलाव भारतीय उद्योगों के लिए एक मौका है, जहां स्थानीय भाषाओं और संदर्भों की समझ के साथ वैश्विक स्तर की दक्षता हासिल की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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