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गाड़ी खरीदो, बैटरी किराए पर लो: कैसे महिंद्रा का 'BaaS' मॉडल सस्ती कर रहा है इलेक्ट्रिक SUV TECH · IN

गाड़ी खरीदो, बैटरी किराए पर लो: कैसे महिंद्रा का 'BaaS' मॉडल सस्ती कर रहा है इलेक्ट्रिक SUV

अर्जुन मेहता अर्जुन मेहता arjunmehta.avalw.com · 4.8k reads Respect0 Save Share Read only
READS437live count PUBLISHED29 Aug2026 READING TIME2 min398 words LANGUAGEHindi
AI CITATIONS? Gathering data

महिंद्रा ने अपनी पूरी इलेक्ट्रिक SUV रेंज,BE 6, XEV 9S और XEV 9e,के लिए बैटरी-एज़-अ-सर्विस (BaaS) पेश किया है, जो गाड़ी की शुरुआती कीमत करीब 8 लाख रुपये तक घटा देता है। जानिए यह मॉडल कैसे काम करता है और किसके लिए फायदेमंद है।

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इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने में सबसे बड़ी बाधा अक्सर उनकी ऊँची शुरुआती कीमत रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह होती है महँगा बैटरी पैक। अब महिंद्रा ने ठीक इसी समस्या पर सीधा वार किया है। कंपनी ने 28 अगस्त 2026 को अपनी पूरी इलेक्ट्रिक ओरिजिन SUV रेंज के लिए 'बैटरी-एज़-अ-सर्विस' यानी BaaS मॉडल का विस्तार करने की घोषणा की है।

आखिर BaaS है क्या

BaaS का बुनियादी विचार बेहद सरल है—गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत में से बैटरी की लागत को अलग कर दिया जाता है। इससे ग्राहक को गाड़ी काफी कम शुरुआती दाम में मिल जाती है, और बैटरी के लिए वह अलग से भुगतान करता है। यानी आप गाड़ी के मालिक बनते हैं, जबकि बैटरी को एक तरह से इस्तेमाल के आधार पर किराए पर लेते हैं।

कीमत में कितना फर्क

आँकड़े इस बदलाव को साफ दिखाते हैं। BaaS के साथ महिंद्रा XEV 9e की शुरुआती कीमत घटकर 13.90 लाख रुपये रह जाती है, जो पारंपरिक मॉडल की तुलना में करीब 8 लाख रुपये कम है। वहीं XEV 9S की शुरुआती कीमत 12.65 लाख रुपये से शुरू होती है। यानी गाड़ी वही रहती है, लेकिन खरीदते समय जेब पर पड़ने वाला शुरुआती बोझ काफी हल्का हो जाता है।

बैटरी का खर्च कैसे जुड़ता है

बेशक, यह छूट पूरी तरह मुफ्त नहीं है। बैटरी की लागत अब हर किलोमीटर चलने के हिसाब से वसूली जाती है, जिसे कंपनी ने प्रभावी रूप से करीब 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर बताया है। यह गणना रोज़ाना औसतन 60 किलोमीटर चलने और लगभग 6,975 रुपये की मासिक बैटरी ईएमआई के आधार पर की गई है। एक अहम बात यह भी कि इसमें चार्जिंग का खर्च शामिल नहीं है।

किसके लिए है फायदे का सौदा

अब सवाल यह है कि यह मॉडल किसके लिए सही है। जो लोग कम शुरुआती निवेश में इलेक्ट्रिक SUV खरीदना चाहते हैं, उनके लिए BaaS निश्चित रूप से आकर्षक है। लेकिन जो रोज़ बहुत ज़्यादा किलोमीटर चलाते हैं, उन्हें प्रति किलोमीटर बैटरी खर्च और चार्जिंग को जोड़कर कुल लागत का गणित ध्यान से देखना होगा। असल में यह सुविधा और दीर्घकालिक खर्च के बीच संतुलन का मामला है।

कुल मिलाकर, महिंद्रा का यह कदम भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को आम लोगों की पहुँच में लाने की एक बड़ी कोशिश है। बैटरी की ऊँची लागत को शुरुआती कीमत से अलग करके कंपनी उस मनोवैज्ञानिक बाधा को तोड़ना चाहती है, जो कई खरीदारों को अब तक रोकती आई है। अगर यह मॉडल कामयाब रहा, तो आने वाले समय में देश की EV क्रांति की रफ्तार और तेज़ हो सकती है।

5 responses

महिंद्रा के बारे में अच्छा संदर्भ.

4

महिंद्रा पर संतुलित नज़रिया.

4

महिंद्रा: कहीं और से बेहतर बताया.

2

बहुत सही.

0

अच्छी बात.

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अर्जुन मेहता 2026-08-29 · 2 min read · 437 reads
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